अहाता-ए-चमेली

सेहन चिराग से आगे बढ़ने पर हुजरों की लाइन के बीच दो बड़े-बड़े दरवाजे हैं, जो दरवाजा पूरब की तरफ है, उससे आगे
बढ़ने पर अहाता-ए-आस्ताने आलिया में दाखिल होते हैं और गुम्बद शरीफ बिल्कुल सामने नजर आता है। बायीं तरफ
संगमरमर की बनी हुई एक खूबसूरत मगर छोटी-सी मस्जिद है जिसको औलिया मस्जिद कते हैं, दायीं तरफ सन्दली मस्जिद है जिसके उत्तरी सिरे से मिला हुआ अहाता-ए-चमेली है जिसमें पाक मजारें हैं। इन मजारों और उनकी दीवारों पर चमेली के पौधे छाए हुए हैं। मशहूर है कि यह मजारें ख्वाजा गरीब नवाज र.अ. की बीवियों की हैं।

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