अख्लाक व आदात (चरित्रा व आदतें)

आप बड़े ही नर्म दिल खुश मिजाज और मिलनसार थे। आपकों गुस्सा बहुत कम आता था बल्कि आता ही नहीं था। जब किसी से बात करते तो मुस्करा देते, आपकी जिन्दगी बहुत सादा लेकिन दिलकश थी। जो कोई मिलने आता तो बहुत खुशी और गर्मजोशी से मिलते, इज्जत से बिठाते और उनके रंज व गम में शरीक होते।

सखावत आपके खानदान की खासियत थी। बचपन में ही आपने बाग व पवन चक्की बेचकर कुल माल व दौलत खुदा की राह में फकीरों व अनाथों में बांट दी थी और बाद में जो कुछ नजराना तोहफे आया करते थे वह सब भी अल्लाह के नाम पर जरूरतमन्दों को दे दिया करते थे। आप बड़े नर्म मिजाज थे। सलाम में हमेशा सबकत (पहल) किया करते थे, आदाबे शरीअत का हमेशा लिहाज रखते थे और सुन्नते नबवी स.अ.व. का हर वक्त ध्यान रखते थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *