औराद और वजीफे

हजरत ख्वाजा गरीब नवाज र.अ. के बख्शे हुए दुआ और वजीफे बहुत मक्बूल और बाअसर हैं।

जरूरतमन्द बराबर इनसे फायदा उठाते रहे हैं और इन्शा अल्लाह आइन्दा भी उठाते रहेंगे। नीचे आपकी कुछ दुआएं और
वजीफे लिखे जाते हैं।

बीमारी से शिफा (स्वास्थ्य) के लिए

हजरत ख्वाजा गरीब नवाज र.अ. फरमाते हैं कि सूरः
फातिहा सभी बीमारियों की दवा है। जब कोई बीमार किसी दवा से अच्छा न हो तो फज्र की नमाज में फर्ज और सुन्नत के बीच इकतालीस बार सूरः फातिहा सच्चे दिल से पढ़कर बीमार पर दम करें, इन्शाअल्लाह बीमार स्वस्थ हो जाएगा। पड़ने का तरीका यह है कि बिस्मिल्लाह-हिर्रहमानिर्रहीम के ‘मीम’ को अलहम्दु के ‘लाम’ से मिलाकर पढ़े।

3 thoughts on “औराद और वजीफे”

  1. तेरे दर से कभी कोई खली नहीं जाता फर्क बस यह के हमें मांगना नहीं आता

  2. Ya hayyu ya qayyumu 1100 bar padha karo roz
    Phir dekho kaisi rohani quwat paida hoti hai
    Har kam pura hoga har marz dafa hoga

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