बड़ी देग

सेहन चिराग में बुलन्द दरवाजे के दायीं तरफ बड़ी देग है। अकबर बादशाह ने अह्द (प्रण) किया था कि चित्तौड़गढ़ की फतह
के बाद सीधे अजमेर शरीफ हाजिर होकर एक बड़ी देग पेश करेगा। अतः उसको फतह हासिल हुई और सीधे अजमेर शरीफ
पहुंचकर बड़ी देग चढ़ाई। इस देग को घेरा साढ़े बारह गज है और इसमें सवा सौ मन चावल पक सकता है। यह देग 976
हिजरी में पेश की गई थी।

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