इलम की तरक्की और जेहन के लिए

हर रोज नमाजे सुबह के बाद पढ़ा करे।
‘मिनहा ख़लक़्नाकुम व फि़हा नुईदुकुम व मिनहा नुखि़्रजुकुम तारतन उखरा॰’

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