कर्ज की अदायगी के लिए

हजरत ख्वाजा गरीब नवाज र.अ. ने फरमाया-‘कर्ज की अदायगी के लिए निम्न आयत को पांच बार हर नमाज में रोजाना
इक्तालीस दिन तक पढ़े, इन्शाअल्लाह तआला कर्ज से बहुत जल्द निजात पाएगा।
‘बिस्मिल्लाहिर्रमानिर्रहीम’ कुलिल्लाहुम-म मालिकल मुल्कि तू तिल्मुल-क मन तशाउ से ‘बिग़ैरि हिसाब’ तक।

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