लाइलाज बीमारी से निजात के लिए

हजरत ख्वाजा गरीब नवाज र.अ. फरमाते हैं कि अगर किसी शख्स को लाइलाज बीमारी हो तो चाहिए कि जुमा के दिन बाद नमाज अस्र से मगरिब तक ‘या अल्लाहु, या रहमानु या रहीमु’ को पढ़ता रहे। इन्शाअल्लाह तआला इक्कीस दिन में तन्दुरुस्ती होगी, मगर रोजाना पढ़े, अगर मरजे मौत है तो वह पढ़ न सकेगा।

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