लूटरो को एक नज़र में इस्लाम में ले आना

कहते हैं कि एक बार आप एक घने जंगल से गुजर रहे थे। वहां आपका सामना कुछ कुफ्फार लुटेरों से हो गया जिनका काम यह था कि मुसाफिरों को लूट लेते थे और अगर कोई मुसलमान मुसाफिर होता तो सामान लूटने के अलावा उसे कत्ल भी कर देते थे। जब वे डाकू बुरी नीयत से आपकी तरफ आए तो अजीब तमाशा हुआ। जिस हथियारबन्द (सशस्त्र) गिरोह ने सैंकड़ों, हजारों मुसाफिरों को बिला वजह खाक व खून में तड़पाया था, आपकी एक ही निगाह से थरथरा उठा और कदमों में गिरकर बड़ी आजीजी से अर्ज किया-‘हम आपके गुलाम हैं और नजरे करम के उम्मीदवार हैं।’ जब वह अपने बुरे कामों से तौबा करने लगे तो आपने उनकों कलिमा पढ़ा कर इस्लाम में दाखिल कर लिया और उनको नसीहत फरमायी कि कभी किसी के माल को अपने लिए हलाल न समझें।

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