निजाम गेट

दरगाह शरीफ में दाखिल होने के चारों तरफ दरवाजे हैं जिनमें से सबसे ज्यादा ऊंचा और आलीशान दरगाह बाजार की
तरफ है उसको निजाम गेट कहते हैं।

यह दरवाजा 1912 ई॰ में बनना शुरू हुआ और तामीर का काम तीन साल तक जारी रहा। यह दरवाजा जनाब मीर उस्मान
अली खां साबिक नवाब हैदराबाद का बनवाया हुआ है। इसलिए इसको उस्मानी दरवाजा भी कहते हैं। इसकी ऊंचाई सोलह फुट
है। दरवाजे के ऊपर नक्कारखाना है।

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