शाहजहानी मस्जिद

यह मस्जिद मजारे अक्दस के पश्चिम की तरफ बनी हुई है। बहुत उम्दा सफेद संगमरमर से बनाई गई है। यह आलीशान
मस्जिद शहजहां बादशाह के हुक्म से बनवाई गयी थी। जुमे की नामज इस मस्जिद में बड़ी शान से होती है। इसको जामा मस्जिद भी कहते हैं। इसकी लम्बाई 97 गज और चैड़ाई 27 गज है। मस्जिद का सेहन बहुत बड़ा है। मजारे अक्दस का जन्नती दरवाजा मस्जिद के मेहराब से बिल्कुल सामने नजर आता है। जुमा की नमाज इस मस्जिद में बड़ी शान से होती है। शाही जमाने से ही यह कायदा है कि जुमे की नमाज के लिए चार बार तोपें चलाई जाती हैं। पहली खुत्बा होने से पांच मिनट पहले, दूसरी खुत्बे के वक्त, तीसरी इकामत के वक्त और चैथी सलाम के वक्त।

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